
1. प्रवाह प्रकार: क्रॉसफ्लो रेडिएटर: शीतलक रेडिएटर कोर में क्षैतिज रूप से प्रवाहित होता है, आमतौर पर एक तरफ के टैंक से दूसरे तक। डाउनफ्लो रेडिएटर: शीतलक रेडिएटर कोर के माध्यम से एक शीर्ष टैंक से निचले टैंक तक लंबवत रूप से प्रवाहित होता है।
2. सामग्री प्रकार: एल्यूमिनियम रेडिएटर: हल्के और कुशल गर्मी हस्तांतरण गुणों के कारण आमतौर पर आधुनिक वाहनों में उपयोग किया जाता है। तांबा-पीतल रेडिएटर: पारंपरिक सामग्री, अक्सर पुराने वाहनों में पाई जाती है, जो अच्छी गर्मी अपव्यय के लिए जानी जाती है लेकिन एल्यूमीनियम से भारी होती है। प्लास्टिक रेडिएटर: वजन और लागत को कम करने के लिए अक्सर टैंकों के लिए एल्यूमीनियम कोर के साथ संयोजन में उपयोग किया जाता है।
3. कोर निर्माण: सिंगल कोर रेडिएटर: ट्यूब और पंखों की एक पंक्ति होती है, जो मानक वाहनों के लिए उपयुक्त होती है। डुअल कोर रेडिएटर: ट्यूब और पंखों की दो पंक्तियाँ होती हैं, जो उच्च प्रदर्शन वाले इंजनों या कठिन परिस्थितियों में वाहनों के लिए बढ़ी हुई शीतलन क्षमता प्रदान करती हैं।
4. अन्य विचार: डुअल पास रेडिएटर: शीतलक कोर के माध्यम से दो बार यात्रा करता है, जिससे गर्मी अपव्यय में वृद्धि होती है। प्रदर्शन रेडिएटर: अक्सर उच्च प्रदर्शन अनुप्रयोगों में बेहतर शीतलन के लिए बड़े कोर, बढ़े हुए पंख घनत्व और उन्नत सामग्री की सुविधा होती है। इलेक्ट्रिक रेडिएटर: कुछ वाहन इलेक्ट्रिक वॉटर पंप और रेडिएटर का उपयोग कर सकते हैं, अक्सर हाइब्रिड या इलेक्ट्रिक वाहन प्रणालियों में।